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17 अप्रैल को विश्व हीमोफिलिया दिवस मनाया जाता है

हीमोफीलिया आनुवंशिक रोग है जिसमें शरीर के बाहर बहता हुआ रक्त जमता नहीं है। इसके कारण चोट या दुर्घटना में यह जानलेवा साबित होती है क्योंकि रक्त का बहना जल्द ही बंद नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार इस रोग का कारण एक रक्त प्रोटीन की कमी होती है, जिसे 'क्लॉटिंग फैक्टर' कहा जाता है।

हीमोफिलिया एक दुर्लभ विकार है जहां मानव रक्त में सामान्य रूप से थक्का (clot) नहीं जमता। ऐसा इसलिए है, क्योंकि रक्त में पर्याप्त रक्त के थक्के प्रोटीन की कमी होती है। यह एक अनुवांशिक आनुवंशिक विकार है।

  • World Federation of Haemophilia द्वारा 1989 से यह दिवस मनाया जा रहा है।
  •  जागरूकता बढ़ाने और विकार से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर साल दुनिया में कई प्रतिष्ठित भवनों को लाल रंग में रोशन किया जाता है।
  • फ्रैंक श्नेबल (Frank Schnabel) के जन्मदिन को मनाने के लिए 17 अप्रैल को दिन मनाया जाता है।
  • फ्रैंक ने World Federation of Haemophilia की स्थापना की थी।
  • इसकी स्थापना 1963 में हुई थी। World Federation of Haemophilia का मुख्यालय मॉन्ट्रियल, कनाडा में स्थित है।
  • 75% रक्तस्राव विकार से प्रभावित लोग इसे नहीं जानते हैं। कई अन्य को उचित देखभाल नहीं मिलती है।

FAQs

हीमोफीलिया कितने प्रकार के होते हैं?

आमतौर पर हीमोफीलिया रोग दो प्रकार का होता है. हीमोफीलिया ए और हीमोफीलिया बी. हीमोफीलिया ए में फैक्टर 8 की कमी होती है।

क्या हीमोफिलिया ठीक हो सकता है?

वर्तमान में हेमोफिलिया, एक दुर्लभ रक्तस्राव विकार का कोई इलाज नहीं है ।
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