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छत्तीसगढ़ का इतिहास

छत्तीसगढ़ का इतिहास 

छत्तीसगढ़ का इतिहास-छत्तीसगढ़ मध्य भारत का हिस्सा है जिसकी राजधानी रायपुर है। छत्तीसगढ़ पहले मध्यप्रदेस हिस्सा हुआ करता था। 1 नवम्बर सन 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन किया गया था। यह 135,192 किमी 2 के क्षेत्रफल के साथ भारत का 9वां सबसे बड़ा राज्य है। 2020 तक, इसकी आबादी लगभग 29.4 मिलियन है, जो इसे राज्य को देश का 17वां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य बनाता है।

छत्तीसगढ़ का इतिहास 

धान का कटोरा कहा जाने वाला छत्तीसगढ़ आर्य और अनार्य संस्कृतियों का संगम स्थल रहा है I विभिन्न स्रोतों से ज्ञात होता है की छत्तीसगढ़ का इतिहास मौर्य काल से प्राचीन नही है , लेकिन किवदंतियों तथा महाकाव्यों से जैसे रामायण महाभारत से ज्ञात होता है की छत्तीसगढ़ प्राचीन कल से ही अथवा त्रेता युग से ही भारत की राजनीतिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों से किसी न किसी रूप से संबद्ध है।

  • मध्य प्रदेश से बनाया गया यह राज्य भारतीय संघ के 26 वें राज्य के रूप में 1 नवंबर, 2000 को पूर्ण अस्तित्व में आया।
  • प्राचीन काल में इस क्षेत्र को ‘दक्षिण कोशल’ के नाम से जाना जाता था।
  • इस क्षेत्र का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है।
  • छठी और बारहवीं शताब्दियों के बीच सरभपूरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी, कलचुरीऔर नागवंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया।
  • कलचुरी और नागावंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया कलचुरियों ने छत्तीसगढ़ पर सन् 980 से लेकर 1791 तक राज किया सन् 1854 में अंग्रेज़ों के आक्रमण के बाद महत्त्व बढ़ गया सन् 1904 में संबलपुर उड़ीसा में चला गया और ‘सरगुजा’ रियासत बंगाल से छत्तीसगढ़ के पास आ गई।
  • छत्तीसगढ़ पूर्व में दक्षिणी झारखण्ड और उड़ीसा से, पश्चिम में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से, उत्तर में उत्तर प्रदेश और पश्चिमी झारखण्ड और दक्षिण में आंध्र प्रदेश से घिरा है।
  • छत्तीसगढ़ क्षेत्रफल के हिसाब से देश का नौवां बड़ा राज्य है और जनसंख्या की दृष्टि से इसका 17वां स्थान है।

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